उत्तराखण्डदेहरादून

कैंट बोर्ड के अधिकारी आखिर क्यों हैं इतना लापरवाह, पढ़ें पूरी खबर

देहरादून। कैंट बोर्ड के प्रतिबंधित क्षेत्र आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) से सटे केहरी गांव में अवैध निर्माण व प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से हो रहा। यहां ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी होने के बावजूद कैंट बोर्ड चुप्पी साधे है। कैंट बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का फायदा यहां के कुछ स्थानीय नेता व भूमाफियां उठा रहे हैं।
दरअसल, केहरी गांव के कुछ क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से प्रतिबंधित किया गया है। यहां निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, लेकिन खाली पड़ी भूमि पर लंबे समय से भूमाफिया की नजर लगी हुई थी। धीरे-धीरे भूमाफिया ने कैंट बोर्ड के नाक के नीचे पेड़ों का कटान कर खाली भूमि पर प्लाटिंग शुरू कर दी। वर्तमान में इस क्षेत्र में कई अवैध निर्माण हो चुके हैं और अभी भी जारी है। लगातार शिकायतों के बावजूद बोर्ड आंखें मूंदे बैठा है। कुछ माह पूर्व बोर्ड ने कुछ निर्माणों पर नोटिस भी जारी किया था, लेकिन फिर चुप बैठ गया।
इसका फायदा उठाते हुए यहां रोजाना अवैध निर्माण और प्लाटिंग जारी है। चूंकि यह क्षेत्र प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी से सटा हुआ है, इसलिए अवैध निर्माणों से आईएमए की सुरक्षा पर भी आंच आने की आशंका हैं। बावजूद कैंट बोर्ड अवैध निर्माण और प्लाटिंग को लेकर लापरवाह बना हुआ है।

प्रतिबंधित क्षेत्र केहरी गांव में धड़ल्ले से हो रहा है निर्माण कार्य
प्रतिबंधित क्षेत्र केहरी गांव में धड़ल्ले से हो रहा है निर्माण कार्य

एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर चल रहा है अवैध निर्माण
जन केसरी न्यूज पोर्टल की टीम रविवार को केहरी गांव के प्रतिबंधित क्षेत्र पहुंची। यहां चारों तरफ अवैध निर्माण हो रहे थे। टीम इस क्षेत्र में अनजान होकर पहुंची और यहां के लोगों से बातचीत भी की। निर्माण करा रहे ज्यादातर लोगों ने कहा कि साहब बिना किसी को पैसे दिए यहां निर्माण कार्य शुरू कराना कहां संभव है। स्थानीय एक नेता की भूमिका अहम है। जिसने लोगों को आश्वासन दिया है कि जल्दी से जल्दी काम निपटाओ। कैंट बोर्ड की टीम नहीं आने वाली है।
कैंट बोर्ड के सीईओ आखिर चुप्प क्यों
कैंट बोर्ड गढ़ी के नए सीईओ अभिनव सिंह इस पूरे प्रकरण में चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि उनको पता है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण चल रहे हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि साबह नए आये हैं तो पब्लिक हित में कुछ विकास कार्य करायेंगे। लेकिन सीईओ साहब अपने ही कर्मचारियों के मकड़जाल में फंसकर कार्यालय तक ही सीमित रह गए। जिसके चलते क्षेत्र में लोगों को तमाम तरह की परेशानियां हो रही है।
कार्यालय में हाईटेक सीसीटीवी कैमरा
कैंट कार्यालय में हाईटेक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। कैमरा के साथ माइक भी है। ताकि कक्ष में बैठे कर्मचारी लोगों से क्या बातचीत कर रहे हैं इसका रिकॉर्ड रखा जा सके। ये अच्छी पहल है। हालांकि जब कैंट अधिकारियों को ठोकर लगी तो इसकी याद आई। हाल ही में सीबीआई की टीम ने कार्यालय अधीक्षक शैलेंद्र शर्मा और टैक्स विभाग के बाबू रमन अग्रवाल को घूस लेते हुए कैंट कार्यालय से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी अभी जेल में ही है। इसके बाद कैंट बोर्ड ने सीसीटीवी कैमरे के साथ माइक लगाने की व्यवस्था की।

प्रतिबंधित क्षेत्र केहरी गांव में धड़ल्ले से हो रहा है निर्माण कार्य
प्रतिबंधित क्षेत्र केहरी गांव में धड़ल्ले से हो रहा है निर्माण कार्य

 

 

 

 

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  1. वार्ड नंबर 4 पुराना पोस्ट ऑफिस छावनी परिषद प्रेम नगर देहरादून में हुई आवाज निर्माण अतिक्रमण का कार्य जारी है सरकारी भूमि पर जिसकी लिखित शिकायत करने पर भी इन लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है पूर्व पार्षद का रिश्तेदार यह कार्य करा रहा है कई बार लिखित शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होती है सीईओ छावनी परिषद देहरादून को मौखिक भी बताया गया लेकिन इन लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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