उत्तराखण्ड

बड़ी खबर: कैंट बोर्ड से जेल जाने की अब इनकी बारी, तीन दिन की मिली रिमांड

कैंट बोर्ड के कर्मचारियों में मचा हुआ है हड़कंप

देहरादून। 25 हजार रुपये घूस लेते ट्रैप हुए कैंट बोर्ड देहरादून के कार्यालय आधीक्षक शैलेंद्र शर्मा और टैक्स बाबू रमन अग्रवाल को सीबीआई तीन दिन रिमांड पर लेकर उनसे साक्ष्य जुटाएगी। गुरुवार को दोनों आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में पेश करते अभियोजन ने रिमांड मांगी। जिसे कोर्ट ने मंजूर किया। अब टीम इन दोनों की संपत्तियों और अन्य तथ्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सख्ती से जांच पड़ताल हुई तो अभी और कई अधिकारी व कर्मचारी जेल जायेंगे।
जानकारी के अनुसार सीबीआई ने इन दोनों आरोपियों को तीन दिन के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्र ने बताया कि इन दोनों से सीबीआई अभी कई और राज उगलवाने के पीछे पड़ी हुई है। इसलिए टीम ने कोर्ट से चार दिन के लिए रिमांड मांगी थी। सूत्र ने बताया कि कैंट बोर्ड की पूर्व सीईओ तनु जैन के कार्यकाल में कई ऐसे काम हुए हैं जिनकी सख्ती से जांच हुई तो चौकाने वाले खुलासे होंगे। जिसमें सीईओ के एक ड्राइवर की अहम भूमिका रही है। चालक की संपत्ति की जांच हुई तो निश्चितौर पर भ्रष्टाचार उजागर होगा। इसके अलावा छावनी परिषद के जिस अस्पताल को एक निजी कंपनी को पांच साल के लिए दी गई है उसपर भी लगातार सवाल उठते रहते हैं। क्षेत्र में लगे अवैध मोबाइल टॉवर को भेजे गए नोटिस के बाद भी कई खेल हुए। जिसको लेकर हाल ही में सीबीआई ने छापेमारी की थी। उसकी भी जांच चल रही है। अमिताभ टैक्स टाइल मिल के नक्शे को पास करने को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। कई ऐसे नक्शे भी पास हुए हैं जो शक के दायरे में है। एक बड़े ठेकेदार की भी कैंट के अधिकारियों से सांठगांठ चर्चाओं में रहा। इन बिंदुओं पर सीबीआई इन दोनों आरोपियों से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा कैंट बोर्ड के नए सीईओ अभिनव सिंह से भी सीबीआई की टीम पूछताछ कर सकती है।

टैक्स विभाग के बाबू रमन अग्रवाल को कोर्ट में पेश करती सीबीआई की टीम
टैक्स विभाग के बाबू रमन अग्रवाल को कोर्ट में पेश करती सीबीआई की टीम

तीन साल से दाखिल खारिज को चक्कर काट रहा था बुजुर्ग
वेद गुप्ता निवासी स्मिथ नगर प्रेमनगर की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप की कार्रवाई की। वेद ने वर्ष 1998 में आईएमए गेट संख्या सात के सामने जमीन खरीदी। इसका रिकार्ड उनके और उनकी पत्नी के नाम चढ़ाने के एवज में दोनों ने पचास हजार रुपये मांगे। बाद में 25 हजार रुपये में डील फाइनल हुई। गुरुवार को वेद रिश्वत देने पहुंचे तो सीबीआई ने शैलेंद्र शर्मा और रमन अग्रवाल को रंगेहाथ दबोच लिया।

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