क्राइम

किडनीखोर अस्पताल का खुलासा, बेची जाती थी किडनी

देहरादून। जन केसरी
देहरादून पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का खुलासा किया है। दून-हरिद्वार हाईवे पर रेशम माजरी स्थित उत्तरांचल डेंटल कॉलेज परिसर में गंगोत्री चैरिटेबल हॉस्पिटल में यह किलनी निकालने और बेचने का काला धंधा काफी समय से चल रहा था। पुलिस ने एक दलाल को गिरफ्तार किया है। जबकि हास्पिटल के संचालक सहित अन्य कर्मचारी फरार हो गए हैं।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि अस्पताल में किडनी निकालने के लिए चार लोगों को लाया गया। इनके नाम कृष्णा दास निवासी पौजावड पोस्ट राम सुन्दरपुर जिला मेहन्दीपुर, पं. बंगाल, शेखताज अली निवासी, वासुदेव पुर, कंचा रोड दक्षिण परगना पं. बंगाल, भाव जी भाई निवासी प्रजापति कलामू ग्राम सिन्धाली, थाना मोहोदा, जिला खेड़ा, गुजरात और सुसामा बनर्जी निवासी हल्दर औबजान पारा शहजादा पुर जोय नगर दक्षिण, 24 परगना शामिल थे। इन लोगों को यहां पहुंचाने का काम ग्रीन पार्क सोसाइटी, एसजी स्कूल एसबी रोड, सांताकुंज मुंबई निवासी जावेद खान ने किया।

तीन–तीन लाख रुपये मिलने थे किड़ने के बदले

जावेद ने चारों को किडनी के बदले तीन-तीन लाख रुपये दिलाने का वादा किया था। यहां पहुंचने पर कृष्णा दास और शेखताज अली की किडनी निकाली गई। लेकिन भाव जी भाई और सुसामा ने बिना रकम लिए किडनी ट्रांसप्लांट से इनकार कर दिया। इस पर दोनों ने अस्पताल में शोर मचा दिया। पोल खुलने की डर से अस्पताल प्रशासन ने इन चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया। इस बीच देहरादून और हरिद्वार की पुलिस अलर्ट हो चुकी थी। पुलिस ने इन्हें हरिद्वार बार्डर पर रोकने को कहा तो जावेद गाड़ी से उतरकर भागने लगा, उसे पुलिस ने तुरंत ही दबोच लिया। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में किडनी ट्रांसप्लांट करने में डॉ. अमित रावत का नाम सामने आया है। जो फरार चल रहा है।

 

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