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कम अंक आने पर पिता कमल चावला ने ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया बेटे की सफलता का जश्न

रुड़की, जन केसरी । आज के प्रतियोगी दौर में जहां 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र भी दबाव महसूस करते हैं, वहीं एक पिता ने समाज को नई सीख दी है। सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में मात्र 50 प्रतिशत अंक लाने के बावजूद, पिता कमल चावला ने अपने बेटे संभव चावला का मनोबल गिराने के बजाय एक भव्य आयोजन कर उसे सम्मानित किया।

दसवीं का परिणाम घोषित होने के बाद संभव चावला थोड़ा मायूस थे क्योंकि उनके अंक उम्मीद से कम आए थे। लेकिन पिता कमल चावला ने इसे असफलता नहीं माना। उन्होंने रविवार रात को एक समारोह आयोजित किया और न केवल अपने बेटे, बल्कि इलाके के अन्य मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया। आयोजन में ढोल-नगाड़ों और जलपान के बीच संभव का उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के दौरान पटाखा कारोबारी कमल चावला ने कहा कि अक्सर कम अंक आने पर माता-पिता बच्चों को कोसने लगते हैं, जिससे बच्चा अवसाद (डिप्रेशन) में चला जाता है। मेरा मानना है कि यदि हम बच्चों का उत्साहवर्धन करेंगे, तो वे भविष्य में और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। 50 प्रतिशत अंक सफलता की राह का अंत नहीं, बल्कि सुधार की एक नई शुरुआत है। समारोह में शामिल जिला शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल वेदी ने कहा कि यह बच्चों पर से रिजल्ट के बोझ को कम करने की दिशा में एक साहसी कदम है। इससे बच्चों को यह अहसास होता है कि उनके माता-पिता हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं। कहा कि यह आयोजन सिखाता है कि जीवन की मार्कशीट केवल स्कूल के अंकों से तय नहीं होती।

यह भी हुए सम्मानित

सम्मानित होने वाले छात्रों में संभव, अभिनव, हार्दिका, अरहान आदि शामिल रहे। इस अवसर पर रुचि चावला, महेश, रेखा, देवाशी चावला, दीप, तुषार मदान, सीमा, गौरव, मोहित चावला, क्षेत्रीय पार्षद ताहिर, शेरा, इरफान, फौजिया, मीत, सुमन रावत, अंजू आदि मौजूद रहे।

 

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