उत्तराखण्डस्वास्थ्य

दून में बढ़ रहा डेंगू, ऐसे करें अपना बचाव

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देहरादून। देहरादून जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। शुक्रवार को 13 डेंगू के नए केस मिले हैं। जिनमें चार महिलाएं और नौ पुरुष है। जिला मलेरिया नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी के मुताबिक दो मरीज अस्पतालों में भर्ती है, बाकी घरों पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सभी रोगियों की स्थिति सामान्य है । सभी रोगियों के क्षेत्रों में डेंगू निरोधात्मक कार्यवाई की जा रही है। जिले में अब तक डेंगू मरीजों की संख्या 104 हो चुकी है। विशेषज्ञ चिकत्सिकों ने लोगों से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है। कोरोनेशन अस्पताल के वरष्ठि फिजीशियन डॉ. एनएस बष्टि, गांधी अस्पताल के वरष्ठि फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार कहते हैं कि डेंगू बारिश के मौसम में तेजी से फैलता है। इस वक्त ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और किसी को भी तेज बुखार, डेंगू के लक्षण दिखे तो सबसे पहले खून की जांच कराएं। दून में बरसात के मौसम में जलभराव आम बात है, जमा पानी में पनपने वाले मच्छर ही डेंगू की वजह बनते हैं। बुखार आने पर पैरासिटामोल ही लें। डॉक्टर से परामर्श के बाद ही कोई दवा ले सकते हैं।

मुस्तैदी: अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था

डीएम सोनिका के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं। सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी की है। जांच एवं बेड की व्यवस्था हर अस्पताल में की गई है। दून, कोरोनेशन, गांधी, प्रेमनगर और रायपुर अस्पताल में डेंगू वार्ड बने हैं। यहां मच्छरदानी और दवाइयों के साथ पर्याप्त स्टाफ भी है। जांच की व्यवस्था भी जिला अस्पताल, सीएचसी स्तर पर है। दून अस्पताल के डीएमएस डा. एनएस खत्री ने बताया कि अस्पताल में जांच एवं इलाज के लिए डाक्टर एवं स्टाफ तैनात है।

डेंगू बुखार के लक्षण

-तेज बुखार आना और ठंड लगना

-ब्लड प्रेशर का सामान्य से बेहद कम हो जाना

-मांसपेशी-जोड़ों, सिर और पूरे शरीर में दर्द होना

-शारीरिक कमजोरी आना, भूख नहीं लगना

-पूरे शरीर पर रैशेज भी हो सकते हैं

-तेज बुखार 3-4 दिनों तक रहता है, कई बार पेट दर्द की शिकायत भी होती है और उल्टियां होने लगती हैं।

(फिजीशियन डा. कुमार जी कौल, डा. अनुज बग्गा के मुताबिक)

ऐसे करें डेंगू की रोकथाम

-घर के आसपास पानी जमा न होने दें

-कूलर के पानी को हर सप्ताह बदलें

-गमले और छत पर पड़े डब्बिे, टायरों और पुराने बर्तनों में पानी जमा न होने दें।

-घर में साफ-सफाई रखें, मॉस्किटो रेपेलेंट का छिड़काव करें और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

-मच्छरों से बचने के लिए क्रीम लगाएं।

(दून अस्पताल के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. अंकुर पांडेय के मुताबिक)

डेंगू से बचाव के उपायों ना करने वाले स्कूलों को नोटिस

देहरादून। डेंगू से बचाव के उपाय और साफ सफाई के निर्देशों को पालन ना करने वाले शहर के 13 पब्लिक और एक अशायकी स्कूल को मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है। साथ ही इनके साथ जिले के सभी निजी,सरकारी और अशासकीय स्कूलों को डेंगू से बचाव के निर्देशों को तत्काल पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि ज्यादातर स्कूल बच्चों को हाफ स्लीव ड्रेस में बुला रहे हैं। इसके अलावा जुराबे भी छोटी पहनाई जा रही हैं। जिससे बरसात में मच्छर के काटने से डेंगू का खतरा होने की आशंका है। इसके अलावा स्कूलों और आसपास साफ सफाई भी कुछ स्कूलों में नहीं मिली। जिससे भी डेंगू,मलेरिया और कई अन्य तरह की बीमारियां होने की आशंका रहती है।

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