
जन केसरी, देहरादून। राजधानी के कैंट जूनियर हाई स्कूल प्रेमनगर में ‘प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण’ (मध्यान्ह भोजन योजना) में बड़े स्तर पर बरती गई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिक्षा विभाग और छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) गढ़ी कैंट के बीच तकरार गहरा गई है। यह गंभीर मामला सीएम हेल्पलाइन और सीपी ग्राम्स पोर्टल पर लेवल-2 पर लंबित है। मामले के निस्तारण में कैंट बोर्ड द्वारा की जा रही अत्यधिक देरी और सहयोग न मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) देहरादून, प्रेमलाल भारती ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में महानिदेशक (रक्षा संपदा) नई दिल्ली और सेंट्रल कमांड लखनऊ के जीओसी-इन-सी को पत्र भेजकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पूरा मामला शिकायतकर्ता लालमणि भारद्वाज निवासी मीठी बेड़ी, प्रेमनगर की शिकायत से शुरू हुआ था। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी सहसपुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति और बाद में राजकीय इंटर कॉलेज गाजियावाला के प्रधानाचार्य नवीन चंद्र मिश्र के नेतृत्व में एक सदस्यीय विस्तृत जांच कराई। दोनों ही जांच रिपोर्टों में कैंट जूनियर हाई स्कूल प्रेमनगर की पूर्व प्रधानाध्यापिका ममता गुलेरिया द्वारा पीएम पोषण योजना में की गई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों की पूरी तरह से पुष्टि हुई।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, कैंट बोर्ड गढ़ी कैंट को नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कैंट बोर्ड ने आरोपी पूर्व प्रधानाध्यापिका ममता गुलेरिया को चार्जशीट भी जारी की, जिस पर उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा था। परंतु, इस समयावधि के बीत जाने के बाद भी कैंट बोर्ड द्वारा शिक्षिका के विरुद्ध कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। जब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए संपर्क किया गया, तो कैंट बोर्ड के अधिशासी अधिकारी ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि वे प्रशासनिक रूप से उत्तराखंड शिक्षा विभाग के अधीन नहीं आते हैं, इसलिए उन्हें इस विषय पर निर्देशित नहीं किया जा सकता। शिक्षा विभाग का कहना है कि भारत सरकार की इस बेहद महत्वाकांक्षी योजना में हुई धांधली को कैंट बोर्ड प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके कारण सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत निस्तारण की अंतिम आख्या अपडेट नहीं हो पा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे बेहद खेदजनक बताते हुए केंद्र व सैन्य कमांड के उच्च अधिकारियों से अपने स्तर से इस प्रकरण में अपेक्षित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का विशेष अनुरोध किया है।




