
देहरादून, जन केसरी। कैंट जूनियर हाई स्कूल गढ़ी की प्रधानाध्यापिका ममता गुलेरिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रधानमंत्री पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट के बाद अब उनके खिलाफ भोजन माता की नियुक्ति और भुगतान को लेकर एक नई शिकायत सामने आई है। शिकायत के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी सहसपुर द्वारा गठित जांच समिति बुधवार को स्कूल पहुंची और कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच करने के साथ संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय में कार्यरत भोजन माता अनीता लंबे समय तक बीमार रहने के कारण अस्पताल में भर्ती थीं और ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थीं। इसके बावजूद उनके नाम से मानदेय का भुगतान किया गया। आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान किया गया तथा बिना सक्षम अनुमति के उनके स्थान पर दूसरी भोजन माता की नियुक्ति कर दी गई, जो नियमों के विपरीत है। शिकायत के साथ पूर्व में भेजे गए पत्रों में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसी प्रकार की अनियमितताओं को लेकर पहले भी शिकायतें हुई थीं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सहसपुर को सौंपी गई है। जांच समिति को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर अभिलेखों का परीक्षण करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ममता गुलेरिया के कार्यकाल से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की समेकित जांच रिपोर्ट भी कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी को सौंपी गई है। अब भोजन माता नियुक्ति और भुगतान प्रकरण की जांच के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। बुधवार को वापस लौटी टीम के दो सदस्यों से जन केसरी ने बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने कई ऐसे तथ्य बताएं जो प्रधानाचार्य की मुश्किलें बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि कुछ रजिस्टर के पन्नों से भी छेड़छाड़ की गई है।




