
दिल्ली, जन केसरी । उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए 53 वर्षीय गुरमीत शारदा (मीतू) ने यूरोप और रूस की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस को सफलतापूर्वक फतह कर नया प्रेरणादायक इतिहास रचा है। उन्होंने 21 अगस्त 2026 को समुद्र तल से 5,642 मीटर (18,510 फीट) ऊंची चोटी पर पहुंचकर भारतीय तिरंगा फहराया। गुरमीत की यह उपलब्धि साहस, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत का उदाहरण है।
चंडीगढ़ की मूल निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहीं गुरमीत शारदा मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद और कलाकार हैं। वह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संस्था स्पीकिंग क्यूब से कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट के रूप में जुड़ी हैं। वह सेना अधिकारी की पत्नी और बहू भी हैं। शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, कला, दौड़ और पर्वतारोहण में उनकी सक्रियता उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाती है।
46 वर्ष की उम्र में शुरू की दौड़
गुरमीत ने 46 वर्ष की उम्र में दौड़ना शुरू किया। शुरुआत में फिटनेस के लिए शुरू की गई दौड़ धीरे-धीरे उनकी जुनून बन गई। उन्होंने कई 10 किलोमीटर मैराथन और लंबी दूरी की दौड़ों में हिस्सा लिया तथा 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक भी जीता। दौड़ से विकसित हुई उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती ने पर्वतारोहण के लिए मजबूत आधार तैयार किया।
51 साल में शुरू किया पर्वतारोहण
गुरमीत ने 51 वर्ष की उम्र में नेपाल की 6,476 मीटर ऊंची माउंट मेरा पीक पर सफल आरोहण किया। इसके बाद 52 वर्ष की उम्र में भारत की 6,111 मीटर ऊंची माउंट यूनम को फतह किया। अब 53 वर्ष की उम्र में माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

खराब मौसम के बीच हासिल की सफलता
माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त 2026 को हुई थी। अभियान के दौरान अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं और लगातार बदलते मौसम के कारण टीम को कई दिनों तक अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ा। आखिरकार 20 और 21 अगस्त को मौसम ने साथ दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद गुरमीत और उनकी टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और 21 अगस्त को एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचने में सफल रही। वह पांच भारतीय महिला पर्वतारोहियों की टीम का हिस्सा थीं और टीम की सबसे उम्रदराज सदस्य थीं।
सातों महाद्वीपों की चोटियां फतह करने का लक्ष्य
माउंट एल्ब्रुस की सफलता के साथ गुरमीत अब दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करने के लक्ष्य यानी सेवन समिट्स की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि उम्र सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बन सकती। 46 वर्ष की उम्र में दौड़ शुरू करने से लेकर 53 वर्ष में 5,642 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराने तक की उनकी यात्रा महिलाओं और 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रेरणा बनी है।माउंट एल्ब्रुस अभियान का आयोजन एनएसवाई आउटडोर्स ने किया था और अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध भारतीय पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने किया।




