बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, देविक इंटरप्राइसेस के तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज
भगवानपुर। औद्योगिक क्षेत्र भगवानपुर में मासूमों के बचपन से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। महाड़ी चौक स्थित एक प्रतिष्ठान में 14 वर्ष से कम आयु के बाल किशोरों से काम कराए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल पुरोहित के नेतृत्व में श्रम विभाग की टीम ने महाड़ी चौक स्थित ‘देविक इंटरप्राइसेस’ नामक प्रतिष्ठान का गुरुवार को औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान टीम यह देखकर हैरान रह गई कि वहां तय मानकों के विरुद्ध बाल किशोरों से काम कराया जा रहा था। बाल श्रम कानून का खुला उल्लंघन पाए जाने पर अधिकारी ने तत्काल इसकी रिपोर्ट तैयार की। श्रम प्रवर्तन अधिकारी की तहरीर के आधार पर भगवानपुर पुलिस ने प्रतिष्ठान से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरु कर दी है। उपनिरीक्षक विनय मोहन त्रिवेदी ने बताया कि श्रम विभाग से प्राप्त तहरीर के आधार पर दीपिका, पंकज कुमार और संदीप कुमार निवासी मंडावर भगवानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इधर, इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।
वर्जन
बाल श्रम एक गंभीर अपराध है। देविक के यहां 14 साल से कम उम्र के बच्चों से जबरदस्ती काम कराया जा रहा था जो कि नियमों का उल्लंघन है। इस मामले में जुर्माना और सजा दोनों के प्रावधान है। विभाग द्वारा लगातार बाल श्रम के खिलाफ क्षेत्र में अभियान चलाये जा रहे हैं। पूर्व में भी बाल श्रम कई प्रतिष्ठानों के यहां पकड़े जा चुके हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अनिल पुरोहित, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रुड़की




