
आईआईटी रुड़की में पहले दिन 1277 छात्रों को मिली उपाधियां
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल रहे मौजूद
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने दी उपाधियां
विशिष्ट अतिथि रहे सीडीएस अजित जनरल एनएस राजा सुबमणि
रुड़की, जन केसरी । आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह के पहले दिन की शुरुआत औपचारिक शोभायात्रा के साथ हुई। जिसके बाद संस्थान के निदेशक प्रो. केके पंत की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और संस्थान के स्नातक (अंडरग्रेजुएट) 1277 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित कुमार डोलाभ ने छात्रों को मोटिवेशन किया। सफलता के तीन मंत्र भी बताए।
शनिवार को आईआईटी के दीक्षांत भवन में समारोह का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस समारोह में कुल 2701 छात्रों को उपाधियां दी जाएंगी। पहले दिन 1277 को उपाधियां प्रदान की गई। उपाधियां मिलने के बाद छात्रों में खुशी की लहर थी। सभी इन उपाधियों के साथ फोटो खिंचाने एवं परिजनों को शेयर करते हुए गर्व महसूस किया। वहीं, मुख्य अतिथि अजीत डोभाल ने एक ऐसे वाकये का जिक्र किया, जिससे इंटेलिजेंस एजेंट द्वारा किन खतरों का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। डोभाल ने सिक्किम मिशन की एक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि भारतीय एजेंट्स मिशन पर थे, लेकिन उस वक्त सबके माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई थीं, जब चीन की सेना ने पूरी टीम को ही पकड़ लिया था। उस समय उन्हें लगा कि अब उनका करियर खत्म हो गया। हालांकि, ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। सफलता के मंत्र बताते हुए कहा कि आप कौन है, जाना कहां चाहते हो और जाने का रास्ता किधर से है के बारे में जानने की कोशिश करें तो सफलता भी मिलेगी। विशिष्ट अतिथि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने राष्ट्र की प्रगति में युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। समारोह की अध्यक्षता भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने स्नातकों और उनके परिजनों को बधाई दी।




