ट्रक ड्राइवर की बेटी फातिमा बनी आईएएस

कलियर। पिरान कलियर की बेटी फैरुज फातिमा ने कड़ी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर आईएएस बनी हैं। फातिमा के पिता ट्रक ड्राइवर हैं जबकि मां फूल बेचा करती थी। दो साल पहले फातिमा का चयन आरबीआई में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हुआ था। तीसरी बार में फातिमा ने यूपीएससी निकाला है। 708वीं रैंक है। एक समय था जब फातिमा रुड़की के सोनाली नदी के ग्राउंड में रग्बी खेला करती थी।
फातिमा के चयन के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों ने बताया कि फातिमा ने अमृत इंटर कॉलेज रुहाना मिल मुजफ्फरनगर से दसवीं और इंटर की पढ़ाई की है। दसवीं में सेकेंड डिवीजन जबकि इंटर में फर्स्ट डिवीजन लाया था। परिजनों ने बताया कि रुड़की के बीएसएम डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली चली गई। वर्तमान में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी कर रही है। लास्ट ईयर चल रहा है। इधर, उत्तराखंड रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यकांत सैनी, कोषाध्यक्ष आयुष सैनी, सचिव यशवंत सिंह, फिटनेस ट्रेनर आकाश सिंह आदि ने फैरुज को बधाई दी है। कहा कि पिरान कलियर की बेटी फातिमा ने आईएएस बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक साधारण परिवार से निकलकर इतनी बड़ी सफलता हासिल करना सच में गर्व की बात है। कहा कि फातिमा के पिता इकबाल साहब, जो एक ट्रक ड्राइवर हैं, उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से अपने बच्चों के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। आज उसी मेहनत, त्याग और विश्वास का परिणाम है कि फातिमा ने कड़ी मेहनत, लगन और अपने पिता के सपनों को सच करते हुए अधिकारी बन गई है। कुछ साल पहले तक मां गुलबहार दरगाह इमाम साहब के पास फूल बेचा करती थी।




