उत्तराखण्ड

अब तो आवारा पशु भी पड़ गए कैंट बोर्ड के पीछे, यकीन नहीं तो पढ़े ये खबर

देहरादून। लापरवाह कैंट बोर्ड से पब्लिक के साथ ही आवारा पशु भी अब परेशान होने लगे हैं। क्योंकि आवारा पश्ओं के लिए आजतक कैंट बोर्ड ने कोई ठिकाना नहीं बनाया। यही वजह है कि आये दिन इन पशुओं की वजह से हादसे होते रहते हैं। हाल ही में प्रेमनगर में पोस्ट ऑफिस के पास आवारा पशुओं ने कैंट बोर्ड की बाउंड्री वाल को ही तोड़ दिया है। जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है।
कैंट क्षेत्र में आवारा पशुओं का लंबे समय से आतंक बना हुआ है। इन पशुओं से निजात पाने के लिए स्थानीय लोग कैंट कार्यायल में प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आये दिन ये जानवर आपस में लड़ते रहते हैं। जिससे दूसरों को नुकसान होता है। बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सका है। जनप्रतिनिधि भी लापरवाह बने हुए हैं। क्योंकि उनको पता है कि इस समस्या के समाधान में उनको शायद कमीशन ना मिले। स्थानीय लोग सभासद विनोद पंवार से भी काफी नाखुश हैं। लोगों का कहना है कि बोर्ड में जनता की तरफ से सिर्फ वही बैठते हैं। ऐसे में उनको इस समस्या को प्रमुखता से रखनी चाहिए।

प्रेमनगर के पोस्ट ऑफिस के पास कैंट की बाउंड्री वाल को आवारा पशुओं ने तोड़ा।
प्रेमनगर के पोस्ट ऑफिस के पास कैंट की बाउंड्री वाल को आवारा पशुओं ने तोड़ा।

लोगों के उम्मीदों पर फेर दिया पानी
कैंट बोर्ड को नए सीईओ मिले हुए एक साल से ज्यादा समय हो गया है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि नये साहब क्षेत्र के विकासहित में कई काम करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक साल से कैंट बोर्ड के अधिकारी तेरी फाइल मेरी फाइल का खेल खेल रहे हैं। यही वजह कि आजतक अवैध वेडिंग जोन, अस्पताल, हॉस्टल, होटल, मोबाइल टॉवर आदि को टैक्स के दायरे में नहीं लाया जा सका। कैंट सीईओ ने आश्वासन भी दिया था कि बहुत जल्द आवारा पशुओं के लिए कोई व्यवस्था बनाई जाएगी। लेकिन इसका समाधान भी नहीं हो सका। कैंट द्वारा एक व्यक्ति को दिए गए कैंट जनरल अस्पताल का समाधान भी नहीं हो सका।

गढ़ी में रेडी ठेली वालों पर जल्द चलेगा अभियान
गढ़ी में सालों से सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर रोजी रोटी चला रहे रेडी ठेली वालों के खिलाफ बहुत जल्द अभियान चलाया जाएगा। सूत्र ने बताया कि 22-24 मई से अभियान चलाया जा सकता है। ये अभियान सिंचाई विभाग, कैंट बोर्ड तथा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाया जाएगा। अभियान चलाने के संबंध में कैंट बोर्ड और सिंचाई विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारी करने में जुटा हुआ है। वर्तमान में सिंचाई विभाग और कैंट बोर्ड में इस मुद्दे पर खिंचातानी चल रही है।

 

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