गंगा सेवा अभियानम ने काशी में मंन्दिरों व देव मूर्तियों के तोड़े जाने का किया विरोध

खबरीलाल रिपोर्ट (काशी) : छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद जी महाराज एवं गंगा सेवा अभियानम के प्रदेश संयोजक संजय पांडे के नेतृत्त्व में 10 जुलाई 2018 की सायं 5 बजे लगभग 100 से अधिक सदस्यों ने श्रीमद शंकराचार्य घाट पर गंगा जी मे गले तक पानी मे खड़े होकर काशी में मंन्दिरों व देवमूर्तियों को तोड़े जाने का विरोध किया साथ ही धर्म सभा भी आयोजित किये। धर्म सभा को संबोधित करते हुए संयोजक संजय पांडे ने बताया कि काशी में 29 प्राण प्रतिष्ठित देव मूर्तियों को तोड़ दिया/गायब कर दिया गया जिसके विरोध में 2- महीने से अधिक समय से दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज अत्यंत कठिन तपस्या के माध्यम से मंन्दिरों और देव विग्रहों को बचाने हेतु प्रयास कर रहे हैं। संजय पांडे ने आगे कहा कि तोड़े गए मंन्दिरों एवं देव विग्रहों को वैदिक रीति से पुनः स्थापित प्रशासन करे और आगे और मंन्दिरों को तोड़ने की तैयारी को रद्द करे। छत्तीसगढ़ के लक्षेश्वर धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद जी महाराज भी अपने अनुयायियों के साथ विरोध में सम्मिलित हुए और कहा कि हम पूज्यपाद दंडी स्वामिश्री: के समर्थन में मंन्दिरों को तोड़े जाने का विरोध करते हुए आज गंगा जी मे गले तक पानी मे खड़े रहकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं तथा दोषी व्यक्तियों को कठोर दंड देने का आग्रह करते हैं। आज के इस विरोध में छत्तीसगढ़ के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद जी महाराज, शंकराचार्य आश्रम रायपुर के समन्वयक व प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी, बेमेतरा से आचार्य अखिलेश्वर, राजकुमार, गंगा सेवा अभियानम के प्रदेश संयोजक संजय पांडे, सदस्य- सुनील शुक्ला, हरिनाथ दुबे, सतीश अग्रहरि, सुनील उपाध्याय(पूर्व सभा सद), अनुराग द्विवेदी, कृष्णकांत शर्मा, प्रभात वर्मा, धीरज राय, प्रह्लाद गुप्ता, शरद पांडेय, धर्मेंद्र ठाकुर, रोशन यादव, बाबू यादव, मदन यादव, पप्पू यादव व आदि सम्मिलित हुए।