मदरहुड विश्व विद्यालय में वार्षिक खेल शुरु

रुड़की। मदरहुद विश्वविद्यालय में बुधवार से दो दिवसीय वार्षिक खेल प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हुई। जिसका शुभारंभ विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. नरेंद्र शर्मा के द्वारा किया गया। इसके बाद छात्रों ने कबड्डी, दौड़ आदि खेल प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया।
कुलपति ने कहा कि खेलों के द्वारा न केवल शारीरीक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। खेल हमें जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं की हार- जीत जीवन का अभिन्न अंग है। इस महोत्सव में मदरहुड विश्वविद्यालय का कोई भी छात्र शामिल होकर अपनी खेल प्रतिभा को दिखा सकता है। प्रतिवर्ष इस तरह के अयोजन होने से छात्रों के अंदर छिपी हुई खेल प्रतिभा को उभरने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि मुझें स्वामी विवेकानंद के शाश्वत शब्द प्रेरित करते है। जिनमें उन्होंने कहा था कि मैंने हमेशा व्यक्तियों का निर्माण करने और एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति में विश्वास किया है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हम प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए वार्षिक खेल महोत्सव का आयोजन करते है। कहा कि मैं युवा मस्तिष्क को खेल और सच्ची खेल भावना को अपनाने के लिए प्रेरित करता रहता हूं। कुल सचिव अजय गोपाल शर्मा एवं अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. अनुज शर्मा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर वार्षिक खेल महोत्सव प्रतिस्पर्धा के मुख्य अतिथि का स्वागत और अभिनंदन किया। इस वार्षिक खेल महोत्सव प्रतिस्पर्धा के मुख्य अतिथि के रूप में मदरहुड आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मयंक उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन अनिंदिता चटर्जी एवं शिवाली बिष्ट ने किया।