कृपया मुस्कुराइए आप कैंट बोर्ड के स्मार्ट सड़कों से गुजर रहे हैं

देहरादून। कृपया मुस्कुराइए आप कैंट बोर्ड गढ़ी के स्मार्ट सड़कों से होकर गुजर रहे हैं। इन सड़कों से होकर गुजरते वक्त कभी भी हादसे हो सकते हैं। क्योंकि ये सड़कें स्मार्ट बनी हुई है। बरसात में ये सड़कें चमचमा रही है। सड़कों के बीच में गढ्ढ़े नहीं है। बल्कि गढ्ढ़ों के बीच में कहीं कहीं आपको सड़कें दिख जाएंगी। मजेद्दार बात ये भी है कि डेढ़ माह पहले ही इन सड़कों की मरम्मत की गई थी। इसलिए जनता से अपील है कि कृपया भ्रष्टाचार पर सवाल ना उठायें। जिसको जितना खाना था (कमीशन) उतना खा लिया और निकल लिया।
कैंट बोर्ड क्षेत्रवासियों से टैक्स वसूलता है। ताकि वे जनता को जन सुविधाएं मुहैया करा सके। लेकिन यहां ठीक उल्टा हो रहा है। पब्लिक से टैक्स तो ले रहे हैं लेकिन जन सुविधा के नाम पर ठेंगा दिखा रहे हैं। कैंट के स्टॉफ को समय से वेतन मिल रही है। इसलिए वे पब्लिक की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कैंट बोर्ड के सीईओ अभिनव सिंह की बात करें तो वे महान हैं। उनकी नजर ना तो क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर है और ना ही पब्लिक सुविधा पर। वे कर क्या रहे हैं इसके बारे में भी जल्द पब्लिक को पता चल जाएगा।
डिजिटल नेता चुप क्यों
कैंट क्षेत्र में कुछ डिजिटल नेता भी रहते हैं। जो क्षेत्र में कार्य शुरू होने से पहले डिजिटल प्लेट फॉर्म पर ढिंढोरा पिटते हैं। कार्य कराने का श्रेय भी लेते हैं। लेकिन बाद में जब जगहंसाई होती है तो वही नेता चुप्पी साध लेते हैं। कुछ माह पहने बनी सड़कें टूट गई हैं। लेकिन इसपर कोई भी नेता कुछ बोलने को राजी नहीं है। आखिर डेढ़ से दो माह में ये सड़कें क्यों और कैसे टूट गई। जबकि कुछ ऐसी सड़कें भी हैं जो सालों से चमचमा रही है।




