
कैंट बोर्ड में दवा खरीदारी में हो गया लाखों का खेल, किस पर गिरेगी गाज
जन केसरी, देहरादून। कैंट बोर्ड देहरादून के कार्यालय में जब कुछ होता है अजब गजब ही होता है। यही वजह है कि अक्सर यहां के अधिकारी व कर्मचारी सुर्खियों में रहते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार का खेल दवा की खरीदारी में की गई है।
कैंट बोर्ड द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए 3.80 लाख रुपये की दवा की खरीदारी की गई है। इसके लिए ना तो कोई टेंडर निकाला गया और ना ही इन दवाईओं की कैंट अस्पताल में जरुरत थी। यह दवाईयां एक व्यक्ति को सिर्फ लाभ पहुंचाने की नीयत से खरीदी गई। अब इन दवाईयों के बिल को पास करना है, इसके लिए सक्षम अधिकारी का हस्ताक्षर जरुरी है। सूत्र ने बताया कि सक्षम अधिकारी अगर इसपर हस्ताक्षर करते हुए इसको पास करते हैं तो कहीं ना कहीं वह भी भविष्य में भ्रष्टाचार के लपेटे में आ सकते हैं। इधर, दवाईयों का जो 3.80 लाख का बिल है, उसकी पर्ची तेजी से वायरल हो रही है। स्थानियों लोगों का कहना है कि जिस कैंट अस्पताल में एक ढंग का चिकित्सक नहीं है वहां लाखों रुपये की दवाई चोरी चुपके से खरीदारी कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कमांड के किसी अधिकारी से कराने की मांग की है। इधर, मामले में कैंट बोर्ड के डीईओ/सीईओ अनंत आकाश का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह की बात है तो जांच कराई जाएगी।
सीईओ के पास भी नहीं है 50 हजार से अधिक का पावर
मिली जानकारी के अनुसार किसी भी कैंट बोर्ड के पास 50 हजार से अधिक की अपनी मर्जी से दवाई खरीदारी का पावर नहीं होता है। इसके लिए कैंट बोर्ड की बैठक करनी पड़ती है या टेंडर निकालना पड़ता है। यहां दोनों ही काम नहीं किया गया।



