इस मामले से मिली निशंक को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अवमानना कार्रवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले के बकाया किराए के मामले पर सुनवाई की गई। सुप्रीम कोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को बड़ी राहत मिली है।सुप्रीम कोर्ट ने निशंक के खिलाफ अवमानना कार्रवाही पर रोक लगा दी है और उनकी याचिका पर नोटिस जारी किया है।
बता दें कि उत्तराखंड हाई कोर्ट ने किराया नहीं देने पर पूर्व सीएम के खिलाफ अवमानना कार्रवाही का ऑर्डर दिया था।अब सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को इस मामले में नोटिस जारी किया है।
बता दें कि रमेश पोखरियाल सरकारी बंगलों के किराए का भुगतान करने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।अब नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें सरकारी बंगला नहीं खाली करने वाले मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के खिलाफ अवमानना कि कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया था। रमेश पोखरियाल निशंक ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और अन्य सुविधाओं का बकाया 6 माह के भीतर जमा करने के निर्देश दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यपाल (महाराष्ट्र) भगत सिंह कोश्यारी को भी हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया था। उनके आवास और अन्य सुविधाओं का 47 लाख 57 हजार 758 रुपये बकाया है।
आपको बता दे की उत्तराखंड हाई कोर्ट में रमेश पोखरियाल के खिलाफ चुनाव याचिका लंबित है जो हरिद्वार लोक सभा से भाजपा के बागी प्रत्याशी मनीष वर्मा ने दायर की हुई है जिसमें कहा गया कि चुनाव के नामांकन में निशंक ने झूठा शपथ पत्र दिया कि उनपर कोई देनदारी नहीं है ।