
भारत में धीरे-धीरे कई शहरों के अनलॉक होने की प्रक्रिया शुरू हो रही है. दिल्ली में सोमवार से जिम, योगा सेंटर और बैंक्वेट हॉल खोलने की सशर्त इज़ाज़त मिल गई है. हरियाणा सरकार ने भी कुछ पाबांदियों के साथ अपने लोगों को सोमवार से थोड़ी राहत देने का ऐलान किया.जानकार भारत में तीसरी लहर आने की चेतावनी देते हुए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने की सलाह दे रहे हैं.इस बीच दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहाँ डेल्टा वेरिंएट के चलते कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है.
ऑस्ट्रेलिया
सबसे ताज़ा उदाहरण ऑस्ट्रेलिया का है. सिडनी शहर में एक साथ डेल्टा वेरिएंट से जुड़े अब तक 128 मामले सामने आ चुके हैं. बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए सिडनी में 9 जुलाई तक लॉकडाउन लगा दिया गया है.
रूस
रूस में न सिर्फ़ संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखने को मिली है, बल्कि मौतें भी अब ज़्यादा हो रही है. 20 जून से 26 जून वाले सप्ताह में कोरोना संक्रमण से 3800 से ज़्यादा मौतें दर्ज की गई है.एक सप्ताह में इससे ज़्यादा मौतें इससे पहले नहीं दर्ज की गई हैं. इस दौरान लगभग 1.32 लाख नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं. इस साल जनवरी के बाद रूस में नए मामलों में लगातार कमी देखी जा रही थी.
बांग्लादेश
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. 27 जून को यहाँ 119 लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई.जॉन हॉप्किंस के कोरोना डैशबोर्ड के मुताबिक़ एक दिन में इससे पहले इतनी मौतें बांग्लादेश में पहले कभी नहीं हुई थी.बढ़ते मामलों को देखते हुए बांग्लादेश में सोमवार से तीन दिन के लॉकडाउन (सीमित पाबंदियों के साथ) की घोषणा की गई है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं और सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में सीमित संख्या में कर्मचारियों को बुलाने की इजाज़त दी गई है
थाईलैंड और इंडोनेशिया
बांग्लादेश जैसी ही हालत थाईलैंड की भी है. वहाँ भी जून के महीने में अब तक 881 लोगों की मौत हो चुकी है. हालाँकि थाईलैंड में मामले मई महीने से ही बढ़ना शुरू हो गए थे, जो अब तक थमने का नाम नहीं ले रहे. अब भी रोज़ाना 3- 4 हज़ार नए मामले सामने आ रहे हैं.इंडोनेशिया की हालात भी बेहतर नहीं हैं. 20 जून वाले सप्ताह में इंडोनेशिया में तक़रीबन 2 हज़ार से ज़्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से जान गई. जनवरी के बाद ये अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है. हर हफ़्ते यहाँ तकरीबन एक लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं.